Here you learn how to see and feel the nature. it is about you. it encourages you to do anything....through encouraging poems, love poems and nature's poems.
motivational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
motivational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
10/31/2017
10/07/2016
गोडसे तुम हारोगे
हारोगे ही गांधी के
हत्यारे !
तुम्हे जीना ही होगा मुँह
छुपाके,
ये धरती सत्य की है,
झूठ तुम ढँक ही जाओगे।
महात्मा की करुणा में,
जब तुम निर्मल न हुए,
प्यार और श्रद्धा में,
जब तुम पावन न हुए,
गोडसे तुम्हें हारना ही होगा,
चाहे जहाँ जिस में
रहो।
मानवता मोहताज नहीं
भीड़ की ,
सत्य को दरकार नहीं
चीख की ,
एक अकेला "विक्रम" बोलेगा ;
गुंजायमान हो उठेगी धरा,
इस युग में उस युग में।
तुम्हे धूमिल होना ही
होगा,
क्षणिक चमक खोना ही होगा,
सत्ता की प्रश्रय में रहो
या,
भीड़ की दीवारें खड़ी कर
लो।
4/25/2012
नई ऊर्जा: An encouraging Poem
कण-कण में ही बटना होगा
लाख दुखों को दोष दें
दुःख संग ही जीना होगा.
कोई हो कसक या उलझन
उसे दुःख पे न थोपो तुम
हो कोई समस्या जीवन में
समाधान तुम्हे ही बनना होगा
कण-कण से हम बने हैं
कण-कण में ही बटना होगा.
अगर है तन्हाई जीवन में
दुनिया को नीरस न बताओ तुम
दुनिया तो है चंचल
चलती रहती अपने धुन में
तुम्हे अपने धुन में चलना होगा
मंजिल तक रमना होगा
कण-कण में ही बटना होगा.
पिपासा भरी पड़ी है तेरे अन्दर
वो तुम्हे खोने का ही अहसास कराती है
खोया तमने कुछ होगा,वो उसे बड़ा बताती है
पाया है तुमने जो बहुत कुछ
उसका ध्यान आप ही करना होगा
दुःख से हटकर खुद को सुख से भरना होगा
कण-कण में ही बटना होगा.
सपने अधूरे हैं अगर तुम्हारे
स्वपर्निल संसार को दोष न दो
भ्रमित किया है इसने तुमको
कह कर,खुद को दोष मुक्त न करो
अगर किया है गलती कुछ तुमने
साहस के साथ स्वीकार करना होगा
खुद को अच्छाई से भरना होगा
कण-कण से हम बने हैं
कण-कण में ही बटना होगा.
दुःख में वो दम कहाँ
जो तुम्हे तोड़ दे
दुःख तो है कमजोर साथी
हमें उव्देलित कर अपनी कमजोरी छुपाती है
सुख तो है शर्मीला साथी,अपनी पहचान छुपाती है
उसे मजबूत बना,खुद को मजबूत करना होगा
कण-कण से हम बने हैं
कण-कण में ही बटना होगा.
सिर्फ यही नहीं दर्शन जीवन के
इसे तो बस एक छाया मानकर चलना होगा
दुनिया तो दर्शन से भरी पड़ी
इसकी हर छटां, बिखेरती एक दर्शन नई
तुम्हे हर दर्शन को समझकर चलना होगा
खुद तुमको,एक जीवन दर्शन बनना होगा
खुद को नई ऊर्जा से बहरना होगा
कण-कण से हम बने हैं
कण-कण में ही बटना होगा.
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
4/24/2012
"जीये तो वो हैं"
खुद को संयमित करके
जो पहाड़ो को जितने का हौसला रखे
धाराओं को चीर करके जो उस पार पहुंचे
जीये वो हैं,
हम सिर्फ जिन्दा हैं.
रस्ते के काँटों को देख कर भी
जो कभी न रुके
पथरीले राहों पर भी
जो निरंतर बढ़ते रहे
जीये वो हैं,
हम सिर्फ जिन्दा हैं.
खुद के जख्मों को खुरेद्कर
जो औरों के जख्म भरे
खुद के आंसू पी कर
जो औरों के आंसू पोछने का मद्दा रखे
जीये वो हैं,
हम सिर्फ जिन्दा हैं
वक़्त चाहे कितना भी कठिन हुआ हो
खुद को सदा,अपने सपने से जोड़कर रखे
जब औरों को उनकी जरूरत पड़ी
खुद के सपने तोड़ने से जो पीछे न हटे
जीये वो है,
हम सिर्फ जिन्दा हैं.
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
4/22/2012
"रंग भर दो "
सादा है तन मेरा
रंग भर दो
अकेले हूँ पथ पर
संग चल दो
जीवन है नीरस मेरा
रंग भर दो
खो गए साथी मेरे
साथ हो जाओ तुम
मेरे जीवन में उमंग भर दो
सादी है जिन्दगी मेरी
रंग भर दो
धीरे-धीरे चलकर
थक गया हूँ मै
मेरे संग तेज चलकर
मुझमे लगन भर दो
सादी है जिन्दगी मेरी
रंग भर दो
खो गए है सपने सारे
बदरंग हो गए सपने हमारे
मेरे सपनो के संग चल दो
मेरे सपनो में रंग भर दो
सादी है जिन्दगी मेरी
रंग भर दो.
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
4/19/2012
"मुझको अमर कर दो "
अपने होंठो से कब तक लेता रहूँ नाम
ऑंखें मुंद कर कब तक तुझे देखता रहूँ प्राण
कभी इन खुले आँखों को भी दर्शन दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर कर दो.
मेरी आत्मा को तृप्त होने दो
मुझको अपने दिल में बसा लो
मुझ में और खुद में भेद मिटा दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर कर दो.
तेरी रेशमी बिखरे बालों को,
मै सुलझाना चाहता हूँ
तेरे मोती जैसे मोटे आसूं
मै पीकर प्यास मिटाना चाहता हूँ
मेरे समर्पण को स्वीकार
तुम भी समर्पण कर दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर कर दो.
कितना प्यार है तुम से मुझको
कैसे दर्शाऊं तुम्ही कहो
जैसे तुम्हे विस्वास हो वही कर दिखलाऊं
थोड़े से मेरे सपने हकीकत कर दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर का दो.
जिन्दगी क्या है? सिखा दो
विस्वास क्या है? बता दो
शमाँ की तरह जलकर ,मुझको भी
जलने का वैभव दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर कर दो.
शमाँ अकेले भी जल सकती है
पर परवाने क्या जल सकते है? शमाँ बगैर
हो कोई तरकीब तो, हमें दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर कर दो.
तू भी अधूरी मै भी अधुरा
एक दुसरे से ही हम है पूरा
तेर मेरे बैगर रह जायेगा प्रेम पथ सुना
लेकर मेरा नाम दिल से
प्रेमपथ अमर कर दो
लेकर मेरा नाम मुझको अमर कर दो.
विक्रम प्रशांत
4/17/2012
"बिखरे तिनके "
बखरे तिनके को जोड़कर ,
चिड़ियाँ घर बनती है,
परिश्रम के बल पर ,
घर को सजाती है,
जीवन के हर कष्ट को झेल कर ,
खुशी पूर्वक गुण-गुनती है,
शर्दी, गर्मी, और सरद ,
अपने सुनहरे पंख ,
लहराती है.
ऊँचे आकाश में सदा,
उड़ने की तमना,उसके
आँखों में नजर आती हैं.
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
4/16/2012
"राह खुद निकालें :motivational poem"
दर्द है हमें ,
कहने की जरुरत है क्या ?
जो हैं अपने सपने से दूर ,
उन्हें आंसू दिखलाने की जरुरत है क्या?
अपने सपने को पूरा ,
लक्ष्य की प्राप्ति हेतु,
झोक दो अपना समर्थ सारा
ये बतलाने की जरुरत है क्या ?
कठोर परिश्रम के आगे ,
दिवासव्प्न का महत्व क्या ?
लक्ष्य के आगे ,
दुःख-सुख नहीं बना करते बाधा.
लाख राह दिखलायेंगे लोग,
खुद ही रखना पड़ता है हमें अपना लेखा-जोखा,
दर्द है हमें,
कहने की जरुरत है क्या?
खुद के गम को छुपाये रखें ,
ख़ुशी को बढ़ाते चलें,
सभी हो जायेंगे अपने ,
ये बतलाने की जरुरत है क्या?
चलना कहाँ है ,राह खुद निकालें ,
यदि अभी तक नहीं निकलें हों, कही के लिए
अब तो कदम बढ़ाएं ,
बतलाने की जरुरत है क्या?
दर्द है हमें ,
कहने की जरुरत है क्या?
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
4/15/2012
"अदान प्रदान "
जब तुम मुझे देखती हो,
एक किरण आकर मुझसे टकराई
जब तुम मुझे देखकर
मुस्कुराती हो ,
मुझे ऐसा लगता है
एक अवाज आकर मुझसे टकराई
जब तुम अकेले में मुझसे मिलती हो
चाहता है दिल मेरा
तुम से बातें करूँ ढ़ेर सारी
तभी दिल में एक आहट हुई
निहारता रहूँ बस
बातें करने की कोशिश में
समय क्यों व्यर्थ करूँ
प्यार तुमसे करता हूँ
मै तुम से क्यों कहूँ
ये होंठो पर कभी न आए
तुम हो मेरी जरुरत
मै तुम से कहूँ , तुम मुझसे कहो
जाने मन मै तुम से बहुत प्यार करता हूँ
इसमें अदान प्रदान की क्या जरुरत .
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
Note-Part of artwork is borrowed from the internet ,with due thanks to the owner of the photographs/art
आगे बड़ते जाओ
निकल कर इस दुनिया से ,
नई दुनिया बनाओ
ऊँचे ऊँचे सपने आँखों में बसाओ
आगे बढ़ते जाओ .
रह में पड़े पत्थर को
लाँघ कर पर कर लो
जीवन को बढाओ
आगे बढ़ते जाओ .
जिसमे हो सबकी ख़ुशी
वो कम कर दिखलाओ
अँधेरे में दीपक जलाओ
आगे बढ़ते जाओ .
निराश न हो जीवन से
दुःख से आंख मिलाओ
हँस कर दुःख भगाओ
आगे बढ़ते जाओ.
आँखों में भर लो अंगारे
जिसे देख दुश्मन भागे
क्रांति की मशाल जलाओ
आगे बढ़ते जाओ.
4/13/2012
"तुम क्या हो "
हे नेह ,मुझे कभी लगता है
तुम एक निर्मल नदी हो
कभी लगता है तुम मेरे लिए घड़ी हो
अगर मुझे पाना है तो
जल्दी छलांग लगाओ .
कभी लगता है तुम जंगल हो
हमेशा मुझे उलझा कर रखती हो
कभी मुझे कुछ लगा कभी कुछ
एक जैसी तुम कभी न थी
हर छन हर घड़ी बदलती रही.
कभी लगा तुम ख्वाब हो,
जो पूरा नहीं हो ,
कभी लगा तुम ,
मेरे दिल की अरमान हो
मुझसे जुदा कभी नहीं .
शायद तुम छाया हो
रहती साथ साथ हर घड़ी.
नहीं नहीं तुम तो हो एक जिद्दी लड़की ,
हर वक़्त अपने जिद पे अटकी
तो अगले ही पल तुम से जाना
तुम्हे झूठ बोलने में प्राप्त है पी. एच. डी.
लेकिन चिढने में हो नॉन मैट्रिक .
कभी तुम्हे अपने आत्मविश्वाश को बढ़ाते पाया
कभी "ना" के बदले "हाँ " कहने की सीख पाया
हर भूमिका में तुमको मैंने मुनासिफ पाया .
हे नेह तुम तो हो मेरी ही रचना
जिसे मैंने रचा हो
अपने लिए अपने हाथो से
तुम मुझ से अलग कहाँ हो
मुझे लगता है
तुम तुम नहीं मै हूँ
शांत, गंभीर , निर्भीक
तुम दर्द हो और दावा भी
पानी भी हो और हवा भी
शांत हो ,ज्वाला भी
तुम जाने हुए हो ,अंजान भी
हर घड़ी तुम्हे अलग जाना
शयद,तुम प्रकाश हो
रहती हो हर कहीं .
तुम सीधी हो, चंचल हो,
आईने सा निर्मल हो
तुम सागर सी ग़हरी हो
आसमान की उच्चाई हो
तुम मेरी साथी हो .
तुम मध्य बिंदु हो
मेरे जीवन की ,
नायिका हो
मेरे कविता की
मेरे कविता की
मेरे तर्क वितर्क की.
अब मुझे लगता है
तुम ख्वाब नहीं
एक सच्चाई हो
तुम मेरी साथी हो.
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)